Tuesday, August 20, 2013



मैने रुपये से पूछा नीच हो क्या
गिरते रहते हो,
रुपया बोला, मनमोहन इस माइ रोल मॉडेल.
और दिस इस रिज़ल्ट ऑफ चिदम्बरम फाइनान्स मॉडेल


तुम लोग पेट्रोल पीने लगे हो
सोने के जेवरों में जीने लगे हो
सुधार जाओ तुम तो मैं भी सुधरुगा
वरना गंदी गंदी चीज़ें करूँगा.......

Monday, August 19, 2013


अस्थिरता का समय है संभल ले तू
जीवन का विषय है खुद को बदल ले तू
भटक मत तू सटक मत तू
और दुनिया के प्रहार से चटक मत तू

दीया जो दिख रहा है वही जाना है तुझे
इस प्रतिस्पर्धा की दुनिया में खुद को आजमाना है तुझे
ज्वाला को झोका आएगा जो सीना जला जायेगा
और उस झोके से भी मचल मत  तू

मंजिल नजदीक रहेगी तो लोग पूछेंगे
वरना बिन तन ढके भिकारी को सभी कुचेंगे
अपनी मंजिल को पार कर तू
अस्थिरता का समय है संभल ले तू ...


 कई वन  माली  एक  … 

इस वन मैं है कई फूल
पर भवर है तितर बितर
इधर उधर जिधर तिधर
फूल भी है बिखर बिखर

समेटते हुए हुई रात प्रखर
कुछ हुआ नही खास हासिल
मैं चला अगले वन मैं भाग
सवर सवर सवर सवर